
मेदिनीनगर।
झारखंड सरकार के अपर सचिव विद्यानंद शर्मा पंकज ने उच्च शिक्षण संस्थानों में रैगिंग की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने को लेकर सख्त रुख अपनाया है। इस क्रम में उन्होंने पलामू जिला चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के प्राचार्य तथा सिविल सर्जन को स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि किसी भी सूरत में परिसर में रैगिंग की घटना नहीं होनी चाहिए।
अपर सचिव द्वारा जारी निर्देश पत्र में उल्लेख किया गया है कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की अध्यक्षता में रैगिंग की पुनः जांच को लेकर हुए विमर्श के आलोक में सभी शिक्षण संस्थान रैगिंग की समस्या पर गंभीरता से कार्रवाई सुनिश्चित करें। निर्देश में कहा गया है कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए तथा किसी भी प्रकार की रैगिंग की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए। निर्देश पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि रैगिंग से संबंधित शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के वर्ष 2009 के नियमों का कड़ाई से अनुपालन किया जाए और की गई कार्रवाई का प्रतिवेदन समय पर उपलब्ध कराया जाए।
इस संबंध में मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल के प्राचार्य डॉ. पी. एन. महतो ने बताया कि कॉलेज में पूर्व से ही रैगिंग रोकने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान में एंटी-रैगिंग नियमों का सख्ती से पालन किया जा रहा है और भविष्य में भी किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।






