युवा कांग्रेस नेता ने निगम प्रशासन, मेयर और अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप, घोटालों की निष्पक्ष जांच की मांग
मेदिनीनगर।
नगर निगम की बोर्ड बैठक में वार्ड पार्षदों के बहिष्कार के बाद युवा कांग्रेस के झारखंड प्रदेश नेता सूर्यांश प्रताप सिंह ने रविवार को ब्लू बर्ड होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में नगर निगम प्रशासन, मेयर और अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि नगर निगम विकास का नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार, घोटालों और बंदरबांट का केंद्र बन चुका है।
सूर्यांश सिंह ने कहा कि निगम के दो कर्मचारियों विष्णु राम और विरेंद्र चंद्रवंशी पर गंभीर आरोप लगने के बावजूद उन्हें बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कुत्तों के बंध्याकरण के नाम पर करोड़ों रुपये के कथित घोटाले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि निगम यह सार्वजनिक करे कि किस वार्ड से कितने कुत्ते पकड़े गए, कितनों का बंध्याकरण हुआ और किस आधार पर भुगतान किया गया।
टेंडर प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पारदर्शिता के बजाय टेंडर प्रबंधन का खेल चल रहा है, जिससे नगर निगम को राजस्व का नुकसान हो रहा है और ईमानदार संवेदकों के अधिकारों का हनन हो रहा है।
शाहपुर कचरा डंपिंग स्थल का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि वहां के लोग प्रदूषण और दुर्गंध के बीच रहने को मजबूर हैं। आधुनिक तकनीक से कचरा निस्तारण संभव होने के बावजूद नगर निगम इस दिशा में गंभीर नहीं है।
बरसात के दौरान शहर में जलजमाव की समस्या पर उन्होंने कहा कि हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद पहली ही बारिश में सड़कें तालाब में तब्दील हो जाती हैं, जो भ्रष्टाचार और लापरवाही का स्पष्ट उदाहरण है।
अंत में सूर्यांश प्रताप सिंह ने चेतावनी दी कि यदि विष्णु राम एवं विरेंद्र चंद्रवंशी प्रकरण, कथित कुत्ता बंध्याकरण घोटाला, टेंडर प्रक्रिया, शाहपुर डंपिंग स्थल और जलजमाव जैसे मामलों में जल्द निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई, तो आम जनता के साथ सड़क से लेकर सदन तक व्यापक जनआंदोलन चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब जनता के हर पैसे का हिसाब लिया जाएगा।






