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VB-G Ram G अधिनियम से ग्रामीण भारत में आएगा सच्चा राम राज्य: सांसद विष्णु दयाल राम

On: January 10, 2026 7:45 AM
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मेदिनीनगर।
पलामू से लोकसभा सांसद श्री विष्णु दयाल राम ने शुक्रवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी अधिनियम, 2025 (भीबी-जी राम जी) की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में यह ऐतिहासिक अधिनियम ग्रामीण भारत को “राम राज्य” की अवधारणा से जोड़ेगा, जहां प्रत्येक गांव आत्मनिर्भर, समृद्ध, भ्रष्टाचार मुक्त और विकसित होगा।

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन से प्रेरित यह अधिनियम मनरेगा की खामियों को दूर करते हुए ग्रामीण रोजगार को सतत विकास का सशक्त माध्यम बनाएगा। यह विकसित भारत @2047 के लक्ष्य से पूरी तरह जुड़ा हुआ है। नए अधिनियम के तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को सालाना 125 दिनों की मजदूरी की कानूनी गारंटी दी गई है, जो पहले की 100 दिनों की व्यवस्था से कहीं अधिक है। इसके साथ ही कृषि के मुख्य मौसम में 60 दिनों तक कार्य विराम का प्रावधान किसानों और मजदूरों—दोनों के हितों का संतुलन बनाए रखेगा। उन्होंने बताया कि इस अधिनियम के अंतर्गत कार्यों को चार प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है—जल सुरक्षा, ग्रामीण बुनियादी ढांचा, आजीविका संबंधी अवसंरचना तथा आपदा तैयारी से जुड़े विशेष कार्य। इससे गांवों में टिकाऊ और उच्च गुणवत्ता वाली परिसंपत्तियों का निर्माण होगा, जो लंबे समय तक आर्थिक लाभ प्रदान करेंगी।
तकनीक के उपयोग पर जोर देते हुए श्री राम ने कहा कि यह अधिनियम तकनीक को कानूनी रूप से अनिवार्य बनाता है। बायोमेट्रिक सत्यापन, जियो-टैगिंग, सैटेलाइट इमेजरी, रियल-टाइम मोबाइल ट्रैकिंग और एआई आधारित धोखाधड़ी पहचान प्रणाली से भ्रष्टाचार की जड़ों पर सीधा प्रहार होगा। मजदूरी का भुगतान हर सप्ताह अनिवार्य होगा और दो सप्ताह से अधिक की देरी पर स्वतः मुआवजा मिलेगा। प्रशासनिक व्यय की सीमा बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दी गई है, जिससे जमीनी स्तर पर बेहतर निगरानी और तकनीकी क्षमता सुनिश्चित होगी।

मनरेगा में व्याप्त भ्रष्टाचार का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब, झारखंड सहित कई राज्यों में फर्जी जॉब कार्ड, नकली हाजिरी और फंड की हेराफेरी के हजारों मामले सामने आए। लिबटेक इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार केवल 7 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों को ही पूरे 100 दिन का रोजगार मिल पाया। भीबी-जी राम जी अधिनियम बहुस्तरीय निगरानी, अनिवार्य सोशल ऑडिट और डिजिटल शिकायत निवारण प्रणाली के माध्यम से इन समस्याओं का स्थायी समाधान प्रस्तुत करता है।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए सांसद ने कहा कि नाम बदलने को लेकर विरोध करने वाली पार्टियां स्वयं कई योजनाओं के नाम बदल चुकी हैं। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम गरीबों और ग्रामीणों के जीवन में समृद्धि लाएगा और मजबूत अवसंरचना तथा रोजगार की गारंटी से देश में सच्चा राम राज्य स्थापित होगा।

ipnnews14@gmail.com

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