जय जगन्नाथ के जयघोष से गूंजा चैनपुर, हजारों श्रद्धालुओं ने खींचा रथ; आठ दिनों तक मौसी बाड़ी में विराजेंगे प्रभु
चैनपुर (पलामू)।
पलामू के ऐतिहासिक चैनपुर राजगढ़ परिसर से शुक्रवार को भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की भव्य रथ यात्रा पूरे विधि-विधान और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ निकाली गई। “जय जगन्नाथ” के जयघोष, शंखनाद और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। रथ यात्रा में शामिल होने और पवित्र रस्सी को खींचने के लिए हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
चैनपुर राजगढ़ की यह रथ यात्रा लगभग 195 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक परंपरा है, जो राजशाही काल से चली आ रही है। आज भी इस परंपरा का निर्वहन उसी श्रद्धा, उत्साह और भव्यता के साथ किया जाता है। रथ यात्रा से एक दिन पूर्व भगवान जगन्नाथ को 56 भोग अर्पित किए गए, जबकि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने पारंपरिक अनारसा का प्रसाद अर्पित कर प्रभु का आशीर्वाद प्राप्त किया।
राजगढ़ मंदिर से शुरू हुई रथ यात्रा चैनपुर बाजार, महावीर मंदिर चौक और अस्पताल चौक होते हुए करीब डेढ़ किलोमीटर की यात्रा तय कर कुसुमदाहा स्थित मौसी बाड़ी पहुंची। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा अगले आठ दिनों तक मौसी बाड़ी में विराजमान रहेंगे, जहां प्रतिदिन विशेष पूजा-अर्चना होगी। इसके बाद घुरती रथ यात्रा के माध्यम से प्रभु पुनः अपने मुख्य मंदिर लौटेंगे।
रथ यात्रा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए चैनपुर पुलिस द्वारा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पूरे मार्ग पर पुलिस बल तैनात रहा। इस अवसर पर विवेक भवानी सिंह, विश्वदेव सिंह, मंगल सिंह, सुनील सिंह सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग और हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे।






