मोहम्मदगंज थाना क्षेत्र में हत्या की जांच के दौरान खुली पुराने हत्याकांड की परतें, सोन नदी किनारे से नरकंकाल बरामद
हुसैनाबाद(पलामू)।
पलामू जिले के मोहम्मदगंज थाना क्षेत्र में मुटुर मुसहर हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस ने करीब 11 महीने पुराने एक अन्य हत्याकांड का भी खुलासा किया है। पुलिस ने दोनों मामलों में छह आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
मोहम्मदगंज थाना कांड संख्या 31/2026 के तहत मुटुर मुसहर (60), पिता स्व. जानकी मुसहर, निवासी बीरधवर के अपहरण और हत्या का मामला दर्ज किया गया था। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर हुसैनाबाद एसडीपीओ दिव्यांश शुक्ला के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने अनुसंधान और छापेमारी के दौरान दिनेश मुसहर, विकाश मुसहर, गोविन्द्र मुसहर और श्रवण मुसहर को गिरफ्तार किया।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर मुटुर मुसहर का अपहरण कर डेहरी नगर थाना क्षेत्र के सोन नदी किनारे हत्या करने और शव को दफनाने की बात बताई। आरोपियों की निशानदेही पर पाली रोड स्थित श्मशान घाट के पास से कब्र खोदकर मुटुर मुसहर का नरकंकाल बरामद किया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, सासाराम भेजा। चारों आरोपियों को 15 अगस्त को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
बेटे की हत्या का बदला लेने का आरोप
अनुसंधान में पुलिस को पता चला कि मुटुर मुसहर की हत्या कथित तौर पर उसके बेटे नंदन मुसहर की नवंबर 2025 में हुई हत्या का बदला लेने के लिए की गई थी। इसके बाद मोहम्मदगंज थाना कांड संख्या 33/2026, दिनांक 17 अगस्त 2026, दर्ज कर नंदन मुसहर हत्याकांड की जांच शुरू की गई।
पुलिस के अनुसार, नंदन मुसहर का नवंबर 2025 में बीरधवर गांव के संतोष मुसहर, धर्मेन्द्र मुसहर और नंदु मुसहर ने कथित तौर पर अपहरण कर हत्या कर दी थी। आरोप है कि हत्या के बाद शव को कोयल नदी के बहते पानी में फेंक दिया गया था। पुलिस ने हत्या के पीछे नंदन मुसहर की पत्नी और संतोष मुसहर के बीच कथित प्रेम प्रसंग को कारण बताया है।
इस मामले में संतोष मुसहर और धर्मेन्द्र मुसहर को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजने की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने मुटुर मुसहर हत्याकांड में चार तथा नंदन मुसहर हत्याकांड में दो आरोपियों की गिरफ्तारी की है। दोनों मामलों में अनुसंधान जारी है।






