मेदिनीनगर/चैनपुर।
पलामू जिले के रामपुर गांव में जमीनी विवाद में हुई युवक की हत्या के बाद शनिवार को आक्रोशित ग्रामीणों ने शव के साथ शाहपुर स्थित कोयल नदी पुल को करीब एक घंटे तक जाम रखा। मृतक सिकंदर चौधरी के परिजनों के साथ सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष ग्रामीण सड़क पर उतर आए और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, सरकारी मुआवजा तथा विवादित जमीन का सीमांकन कराकर परिजनों को सौंपने की मांग करने लगे।
जानकारी के अनुसार, पोस्टमार्टम के बाद जब मृतक सिकंदर चौधरी का शव गांव लाया जा रहा था, तभी परिजन और ग्रामीण शाहपुर के कोयल पुल पर पहुंच गए और सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। जाम के कारण पुल के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने सद्वीक चौक के आसपास रूट डायवर्ट कर दिया। कई मोटरसाइकिल चालक कोयल नदी के रास्ते वाहन पार करते नजर आए, जबकि कुछ वाहन नदी में फंस भी गए।
जाम की सूचना मिलते ही डीएसपी राजेश यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया। डीएसपी ने सरकार की गाइडलाइन के अनुसार मुआवजा दिलाने, हत्या में शामिल आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी तथा सरकारी अमीन से जमीन का सीमांकन कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद शाम करीब छह बजे जाम हटाया गया और यातायात सामान्य हो सका।
इधर, जिले के एसपी कपिल चौधरी एवं डीएसपी राजेश यादव ने घटनास्थल का भी जायजा लिया। एसपी ने कहा कि इलाके में मौजूद सभी अवैध हथियारों की जांच कर जब्ती की जाएगी तथा किसी भी दबंग को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में क्यूआरटी की तैनाती कर दी गई है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
बताया जाता है कि रामपुर गांव में लगभग 95 डिसमिल जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। एक पक्ष के मंटू सिंह समेत अन्य लोग जमीन को अपनी बताकर बेचने की तैयारी में थे, जबकि दूसरे पक्ष के सिकंदर चौधरी, मधु चौधरी एवं अन्य ग्रामीण उक्त जमीन को सरकारी बताते हुए वर्षों से अपने कब्जे में रहने का दावा कर रहे थे। इसी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें सिकंदर चौधरी की मौत हो गई।






