झूठे श्रेय लेने वालों को सन्नी शुक्ला का पैगाम, जनहित में कर रही हेमंत सरकार काम
पलामू।
झारखंड सरकार द्वारा लागू किए गए झारखंड रेगुलराइजेशन ऑफ अनऑथराइज कंस्ट्रक्टेड बिल्डिंग रूल्स 2026 का सबसे अधिक लाभ पलामू प्रमंडलीय मुख्यालय मेदिनीनगर को मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। वर्षों से बिना नक्शा पास कराए बने गरीबों के आशियाने अब वैध हो सकेंगे।
इस फैसले पर झामुमो नेता सन्नी शुक्ला एवं उनकी युवा टीम ने राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और नगर विकास मंत्री सुद्विय कुमार सोनू के प्रति आभार जताया है।
सन्नी शुक्ला ने कहा कि सरकार ने नगर निकाय को मजबूत करने के नाम पर जनता को परेशान करने के बजाय पीड़ित लोगों को राहत देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि मेदिनीनगर की जनता सरकार को जोहार के साथ धन्यवाद देती है।
नई अधिसूचना के अनुसार, 31 दिसंबर 2024 तक बिना नक्शा के बने भवनों का अब नए सिरे से नक्शा पास कराया जा सकेगा। आवासीय भवन के लिए 10 हजार रुपये तथा व्यावसायिक भवन के लिए 20 हजार रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। आवेदन के समय कम से कम 50 प्रतिशत शुल्क जमा करना अनिवार्य होगा, जबकि शेष राशि तीन किस्तों में ली जाएगी।
इसके अलावा लेबर सेस 17.22 रुपये प्रति वर्गफीट की दर से देना होगा। यानी 1000 वर्गफीट भवन का नक्शा पास कराने के लिए लगभग 17,220 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। वहीं आर्किटेक्ट को भी 15 रुपये प्रति वर्गफीट की दर से फीस देनी होगी।
भवन मालिकों को ऑनलाइन आवेदन बिल्डिंग प्लान एप्रूवल मैनेजमेंट सिस्टम (BPAMS) पोर्टल के माध्यम से करना होगा। इसके लिए नगर परिषद से निबंधित आर्किटेक्ट या लाइसेंस प्राप्त टेक्निकल पर्सन से भवन की वास्तविक स्थिति के अनुसार नक्शा तैयार कराना आवश्यक होगा।






