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NPU के तीसरे दीक्षांत समारोह के बजट पर ऑडिट की आपत्ति, ₹79.35 लाख के खर्च पर उठे गंभीर सवाल

On: September 3, 2026 8:03 AM
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पंडाल और वेन्यू मैनेजमेंट पर ₹48.30 लाख का प्रस्तावित बजट

मेदिनीनगर।
नीलाम्बर-पीताम्बर विश्वविद्यालय (NPU) के तृतीय दीक्षांत समारोह में प्रस्तावित ₹79.35 लाख के बजट को लेकर वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर सवाल सामने आए हैं। वित्त विभाग, झारखंड सरकार के अंकेक्षण निदेशालय की रिपोर्ट में समारोह से संबंधित खर्चों को ‘आपत्ति के अंतर्गत’ (Under Objection) रखा गया है। ऑडिट में बजट निर्धारण, खर्च और वित्तीय स्वीकृति से जुड़े कई बिंदुओं पर सवाल उठाए गए हैं।

विश्वविद्यालय की अधिसूचना के अनुसार, दीक्षांत समारोह के लिए गठित पंडाल एवं वेन्यू मैनेजमेंट कमेटी के संयोजक तत्कालीन DSW डॉ. एस.के. पांडेय थे। समिति में कुलसचिव डॉ. एस.के. मिश्रा समेत 13 सदस्य शामिल थे। इस मद में ₹48.30 लाख का बजट प्रस्तावित किया गया था, जबकि ₹42,23,418 का वास्तविक व्यय एवं बकाया दर्शाया गया है।

ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, विभिन्न समितियों द्वारा सामानों की आपूर्ति एवं वितरण का भंडार पंजी संधारित किया गया था, लेकिन आपूर्ति से संबंधित पूरा विवरण और खर्च का औचित्य ऑडिट टीम के समक्ष स्पष्ट नहीं हो सका। रिपोर्ट में अन्य मदों पर भी सवाल उठाए गए हैं। गाउन के लिए ₹4.14 लाख के बजट के मुकाबले ₹4,89,988 खर्च दिखाया गया। स्मारिका पर ₹1.38 लाख के बजट के विरुद्ध ₹2,86,298 खर्च दर्शाया गया। सत्कार मद में ₹2,53,727 और कार्यालय अवधि के बाद कार्य, परिवहन व लॉजिंग आदि के नाम पर विविध मद में ₹6,16,084 खर्च का उल्लेख है।

बिना बाजार दर का आकलन किए बढ़ाया गया बजट
ऑडिट टीम ने कहा कि बजट तैयार करते समय बाजार दर का समुचित आकलन नहीं किया गया। आंतरिक वित्त समिति द्वारा पिछले बजट में सीधे 15 प्रतिशत की वृद्धि किए जाने पर भी सवाल उठाया गया है। ऑडिट में यह भी उल्लेख किया गया है कि बढ़े हुए बजट के लिए राजभवन अथवा संबंधित उच्च शिक्षा विभाग से पूर्व वित्तीय स्वीकृति नहीं ली गई थी। समारोह में करीब 2000 लोगों की व्यवस्था के लिए पंडाल का प्रावधान किया गया, लेकिन अतिथियों, छात्र-छात्राओं और मेडल प्राप्त करने वालों की संख्या से संबंधित तुलनात्मक एवं सटीक आंकड़े उपलब्ध नहीं कराए जा सके।

ऑडिट निदेशालय ने मामले की रिपोर्ट निदेशक, अंकेक्षण निदेशालय, वित्त विभाग, रांची को भेजी है। रिपोर्ट के अनुसार, राज्यपाल सचिवालय से घटनोत्तर स्वीकृति मिलने तक संबंधित राशि आपत्ति के अंतर्गत रहेगी। मामले में आगे की कार्रवाई अब संबंधित स्तर से प्रस्तावित है।

NPU DSW सुरेंद्र कुमार पांडेय ने आरोपों का किया खंडन
नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय के डीएसडब्ल्यू सुरेंद्र कुमार पांडेय ने कार्यक्रम से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों में अपना नाम सामने आने पर स्पष्ट किया है कि उनका टेंडर और वित्तीय मामलों से कोई लेना-देना नहीं था। उन्होंने कहा कि वे कार्यक्रम की नियमित पर्यवेक्षक कमेटी में शामिल थे और उनकी भूमिका संयोजक की थी। कार्यक्रम के दौरान उनका दायित्व आयोजन की निगरानी और समन्वय तक सीमित था। सुरेंद्र कुमार पांडेय ने कहा, “पूरे कार्यक्रम में टेंडर और वित्तीय मामलों से मेरा कोई लेना-देना नहीं है। यदि इस मामले में मेरा नाम उछाला जा रहा है, तो मैं इसका स्पष्ट रूप से खंडन करता हूं।”

ipnnews14@gmail.com

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