पलामू।
पलामू के चर्चित जमीन कारोबारी विनीत तिवारी हत्याकांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। हत्याकांड के मुख्य आरोपी प्रदीप तिवारी उर्फ महाकाल और राकेश तिवारी के घर की शुक्रवार को कुर्की-जप्ती की गई।
शहर थाना क्षेत्र के रेडमा में समदा आहर और भगवती अस्पताल के समीप स्थित दोनों आरोपियों के घरों में पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाई की। कुर्की के दौरान घर के दरवाजे, खिड़कियां, अलमीरा, फर्नीचर और एक्सरसाइज करने के कई सामान जब्त कर थाना ले जाए गए। इससे पहले पुलिस दोनों घरों में खड़ी तीन महंगी लग्जरी गाड़ियों को भी जब्त कर चुकी है।
दरअसल, 25 अप्रैल 2026 को जमीन कारोबारी विनीत तिवारी का रेडमा-समदा आहर इलाके में उसके घर के समीप से अपहरण कर लिया गया था। अगले दिन 26 अप्रैल को सदर थाना क्षेत्र के जोरकट इलाके से उनका शव नग्न अवस्था में बरामद किया गया था। पुलिस के अनुसार, उनकी बेरहमी से पिटाई करने के बाद गला दबाकर हत्या की गई थी। मामले में प्रदीप तिवारी उर्फ महाकाल, राकेश तिवारी, प्रशांत तिवारी, रोशन तिवारी और दिलीप तिवारी के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस के अनुसार, हत्या की वजह जमीन विवाद बताई गई है।
लगातार फरार चल रहे आरोपियों पर दबाव बनाने के लिए पुलिस ने 31 जुलाई को ढोल-नगाड़ों के साथ उनके घरों पर इश्तिहार चस्पा कर न्यायालय या थाना में सरेंडर करने की चेतावनी दी थी। इसके बावजूद प्रदीप तिवारी महाकाल और राकेश तिवारी ने सरेंडर नहीं किया।
वहीं, घटना के बाद प्रदीप तिवारी के भाई दिलीप तिवारी को गिरफ्तार किया गया था, जबकि प्रशांत तिवारी को 22 जुलाई को उत्तर प्रदेश के झांसी से गिरफ्तार किया गया। रोशन तिवारी ने पिछले दिनों शहर थाना में सरेंडर कर दिया था। फिलहाल प्रदीप तिवारी उर्फ महाकाल और राकेश तिवारी फरार हैं। कोर्ट के आदेश के बाद शुक्रवार को दोनों के घरों में कुर्की-जप्ती की कार्रवाई की गई।कार्रवाई का नेतृत्व सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राजेश यादव ने किया। उनके साथ शहर थाना प्रभारी ज्योति लाल रजवार समेत बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
सदर एसडीपीओ राजेश यादव ने बताया कि 31 जुलाई को इश्तिहार चिपकाने और चेतावनी देने के बावजूद दोनों आरोपियों ने न्यायालय अथवा शहर थाना में आत्मसमर्पण नहीं किया। इसके बाद न्यायालय के आदेश पर उनके घरों की कुर्की-जप्ती की कार्रवाई की गई।






