मेदिनीनगर।
पलामू वासियों के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. धनंजय कुमार अब हर महीने एक दिन डाल्टनगंज स्थित कल्याण अस्पताल में मरीजों को परामर्श और उपचार उपलब्ध कराएंगे। उनकी ओपीडी जे.एस. कॉलेज के पास स्थित इस अस्पताल में प्रत्येक महीने के पहले मंगलवार को आयोजित की जाएगी।
डॉ. धनंजय कुमार वर्तमान में भगवान महावीर मणिपाल हॉस्पिटल, रांची में वरिष्ठ कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें जटिल और उन्नत हृदय रोगों के इलाज में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने भारत के साथ-साथ अमेरिका, यूरोप, जापान और पूर्व सोवियत संघ के विशेषज्ञों के साथ प्रशिक्षण प्राप्त किया है।
डॉ. कुमार इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी के क्षेत्र में कई नई तकनीकों को बिहार और झारखंड में शुरू करने वाले अग्रणी चिकित्सकों में शामिल हैं। इनमें बिना चीरा लगाए वाल्व रिप्लेसमेंट, लीडलेस पेसमेकर (कैप्सूल पेसमेकर), कृत्रिम हृदय सहायता प्रणाली, तथा ज़ीरो-कॉन्ट्रास्ट और ज़ीरो-मेटल एंजियोप्लास्टी जैसी अत्याधुनिक प्रक्रियाएं शामिल हैं।
वे “मासूम धड़कन” नामक सामाजिक पहल के संस्थापक भी हैं, जिसके माध्यम से जरूरतमंद बच्चों को जन्मजात हृदय रोगों का निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाता है। यह पहल पूर्वी भारत में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
डॉ. कुमार की उपलब्धियों में कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान शामिल हैं। उन्होंने TCT (USA) में गाइडवायर स्पीड चैलेंज जीतकर देश का नाम रोशन किया है। इसके अलावा उन्हें EuroPCR (पेरिस), CTO Club (जापान) और Asia PCR (सिंगापुर) जैसे वैश्विक मंचों पर आमंत्रित किया जा चुका है।
मूल रूप से पलामू के निवासी डॉ. धनंजय कुमार ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा जिला स्कूल, डाल्टनगंज से प्राप्त की है। अपने गृह क्षेत्र के प्रति जुड़ाव और जिम्मेदारी को निभाते हुए उन्होंने हर महीने एक दिन यहां के मरीजों की सेवा के लिए समर्पित करने का संकल्प लिया है।
ओपीडी की जानकारी
कल्याण अस्पताल, डाल्टनगंज में ओपीडी हर महीने के पहले मंगलवार को आयोजित होगी। हृदय रोग से पीड़ित मरीज इस अवसर का लाभ उठाकर विशेषज्ञ परामर्श प्राप्त कर सकते हैं। डॉ. धनंजय कुमार का कहना है की हमारा लक्ष्य है कि डाल्टनगंज में हर मरीज को उच्च गुणवत्ता वाली हृदय चिकित्सा उपलब्ध हो सके। स्वास्थ्य सेवाओं के इस नए पहल से पलामू सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों को अब बड़े शहरों का रुख करने की आवश्यकता कम होगी और स्थानीय स्तर पर ही बेहतर इलाज मिल सकेगा।






