
मेदिनीनगर। नगर निगम क्षेत्र में आने के बावजूद परशुराम नगर आज भी गंभीर उपेक्षा का दंश झेल रहा है। सड़क, स्ट्रीट लाइट, जल निकासी एवं कचरा प्रबंधन जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव ने लोगों का जीवन मुश्किल बना दिया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि समस्याओं को लेकर कई बार लिखित व मौखिक शिकायत की गई, लेकिन जिम्मेदारों की नींद अब तक नहीं खुली।नालियों व नहर की सफाई ठप, बदबू से परेशान लोगनहर में कचरा और गाद की मोटी परत जमा है, जिससे उठने वाली दुर्गंध से आसपास के घरों में रहना मुश्किल हो गया है। लोगों ने बताया कि कई वर्षों से नहर की साफ-सफाई नहीं हुई है, जिसके कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ा है और बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है।स्ट्रीट लाइट के अभाव में अंधेरे में डूबा इलाकाशाम होते ही पूरा इलाका घुप्प अंधेरे में डूब जाता है। असामाजिक तत्वों की गतिविधियों का खतरा भी बढ़ जाता है। स्थानीयों ने बताया कि नगर निगम द्वारा स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं की गई, जिसके बाद क्षेत्रवासियों ने सामूहिक सहयोग से कुछ जगहों पर निजी खर्च पर लाइट लगाई, ताकि बच्चों और महिलाओं को सुरक्षित आवागमन मिल सके।कचरा प्रबंधन व्यवस्था पूरी तरह ठपनगर निगम का कचरा वाहन महीनों से नहीं आ रहा है, जिसके कारण सड़कों के किनारे कूड़े का ढेर लगा है। लोग कहते हैं कि स्वच्छ भारत मिशन और नगर निगम के स्वच्छता दावे यहां पूरी तरह फेल साबित हो रहे हैं।स्थानीय नागरिकों—पप्पू पाण्डेय, अविनाश पाण्डेय, हिमांशु पाण्डेय, रवि दुबे, राहुल सिंह, विकेश शुक्ला, गोल्डी पाण्डेय, अभिनव आनंद, सतेंद्र तिवारी, अमृत मिश्रा, गौतम तिवारी, बबलू पाण्डेय, प्रभात तिवारी, शशिकांत दुबे सहित अन्य लोगों—ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा—> “परशुराम नगर को जानबूझकर विकास से बाहर रखा गया है। अब जनता केवल आश्वासन और दिखावे पर भरोसा नहीं करेगी। यदि समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो व्यापक जन आंदोलन किया जाएगा।” परशुराम नगर की मुख्य समस्याएंसमस्या वर्तमान स्थिति नहर की सफाई वर्षों से सफाई नहीं, बदबू व गंदगी,स्ट्रीट लाइट अधिकतर गलियां अंधेरे में, कुछ लाइटें लोगों के सहयोग से लगीं,कचरा प्रबंधन उठाव ठप, जगह-जगह कचरे का ढेरसड़क व जल निकासी अत्यंत खराब स्थिति, बारिश में जलभराव जैसी समस्याएं हैं।निवासियों की मांगें हैं नहर की तुरंत सफाई हो,पूरे क्षेत्र में पर्याप्त स्ट्रीट लाइट लगाई जाए,कचरा प्रबंधन की नियमित व्यवस्था की जाए,सड़क व जल निकासी की मरम्मत कराई जाए।क्षेत्रवासियों ने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में रहते हुए ऐसी उपेक्षा बिल्कुल अस्वीकार्य है।







