चैनपुर (पलामू)।
पलामू जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के बंदुआ गांव में छेड़खानी के विवाद में हुई हिंसक वारदात ने अब जानलेवा रूप ले लिया है। घटना में गंभीर रूप से घायल मकबूल मियां की बेहतर इलाज के लिए रांची ले जाने के दौरान रास्ते में मौत हो गई। उनकी मौत की खबर फैलते ही गरदा, बंदुआ समेत आसपास के इलाकों में तनाव का माहौल बन गया और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। मकबूल मियां की मौत के विरोध में परिजनों और ग्रामीणों ने शाहपुर-मेदिनीनगर पुल को जाम कर दिया, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गया। वहीं, घटना में घायल सुलेमान मियां और शाहीना बीबी का इलाज एमएमसीएच मेदिनीनगर में चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार दोनों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
क्या है पूरा मामला
बुधवार शाम एक लड़की से कथित छेड़खानी के विरोध को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद शुरू हुआ, जिसने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि हथियारबंद लोगों ने गोलीबारी की, जिसमें एक व्यक्ति घायल हुआ, जबकि मकबूल मियां और एक महिला पर चाकू से हमला किया गया।
घायलों के परिजनों ने तबरेज, अबरेज आलम, गोखुला मियां, आजाद मियां, क्युम मियां, शेरू मियां, सोनू मियां और इमरान मियां समेत कई अन्य लोगों पर गोलीबारी और चाकूबाजी का आरोप लगाया है। चैनपुर थाना प्रभारी लाल जी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में घटना का कारण छेड़खानी के विवाद से जुड़ा है।
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छापेमारी
घटना के बाद बिगड़े हालात और सड़क जाम को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। नामजद आरोपियों तथा वारदात में शामिल अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






