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इलाज के दौरान किशोर की मौत पर बवाल, हैदरनगर में कथित झोलाछाप डॉक्टर के क्लीनिक को प्रशासन ने किया सील

On: May 24, 2026 12:17 AM
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ग्रामीणों ने लगभग चार घंटे किया सड़क जाम

मेदिनीनगर/हैदरनगर।
हैदरनगर क्षेत्र में एक कथित झोलाछाप चिकित्सक के निजी क्लीनिक में इलाज के दौरान 16 वर्षीय किशोर की मौत के बाद शनिवार को इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने शव के साथ सड़क जाम कर करीब चार घंटे तक हंगामा और प्रदर्शन किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को मौके पर पहुंचना पड़ा। बाद में प्रशासन द्वारा क्लीनिक को सील किए जाने के बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए एमआरएमसीएच भेज दिया गया।

मृतक की पहचान हैदरनगर थाना क्षेत्र के बुद्धी बिगहा गांव निवासी विक्की ठाकुर के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार विक्की को उल्टी की शिकायत होने पर इलाज के लिए मस्जिद मोहल्ला स्थित स्टेट डॉक्टर वाजिद अली के निजी क्लीनिक में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि इलाज के दौरान लापरवाही बरती गई, जिसके कारण उसकी मौत हो गई।

घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में कई अवैध निजी क्लीनिक और कथित झोलाछाप चिकित्सक बिना मानक और अनुमति के इलाज कर रहे हैं, जिससे लोगों की जान खतरे में पड़ रही है। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने तथा अवैध क्लीनिकों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने की मांग की। सड़क जाम और हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।

बाद में प्रखंड विकास पदाधिकारी विश्व प्रताप मालवा, अंचल अधिकारी सह दंडाधिकारी संतोष कुमार और थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने कई घंटे तक परिजनों और ग्रामीणों से वार्ता की। रात करीब 10 बजे अंचल अधिकारी संतोष कुमार के निर्देश पर संबंधित क्लीनिक को सील कर दिया गया, जिसके बाद जाम समाप्त कराया गया।

पुलिस ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इधर, किशोर की मौत के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में शोक और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि अवैध क्लीनिकों पर समय रहते कार्रवाई होती, तो शायद एक किशोर की जान बच सकती थी।

ipnnews14@gmail.com

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