मेदिनीनगर।
भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयूमो) पलामू के बैनर तले जेटेट की नियमावली में मगही और भोजपुरी को क्षेत्रीय भाषा की सूची में शामिल नहीं किए जाने के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं ने जोरदार आक्रोश प्रदर्शन किया। रैली स्थानीय भारत माता चौक से निकली तथा भगत सिंह चौक से होते हुए छः मुहान चौक पहुंचकर मानव श्रृंखला में बदल गई। छः मुहान पर करीब एक घंटे तक मानव श्रृंखला बनाया गया जिसमे सैकड़ों की संख्या में युवाओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
भाजपा जिला अध्यक्ष अमित तिवारी ने आरोप लगाया कि हेमंत सरकार जानबूझकर पलामू के छात्रों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है और यहां प्रचलित नहीं होने वाली भाषा को थोप रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मगही और भोजपुरी को शामिल नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज होगा।
भाजयूमो जिला अध्यक्ष विपुल गुप्ता ने कहा कि यह मुद्दा राजनीति से नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य से जुड़ा है। उन्होंने सरकार के रवैये की कड़ी आलोचना की।
पांकी विधायक शशि भूषण मेहता ने कहा कि भाजपा युवाओं की इस लड़ाई को लोकतांत्रिक तरीके से सड़क से सदन तक लड़ेगी। वहीं डाल्टनगंज विधायक आलोक चौरसिया ने भी सरकार पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।
महापौर अरुणा शंकर ने कहा कि सरकार ने पलामू के छात्रों को अपमानित किया है। उन्होंने कहा कि जिन भाषाओं को यहां के लोग नहीं जानते, उन्हें शामिल किया गया है, जबकि मगही और भोजपुरी जैसी स्थानीय भाषाओं को नजरअंदाज किया गया है।
इस आक्रोश प्रदर्शन में विभाकर नारायण पांडे, कृष्लय तिवारी, विजय आनंद पाठक, शिवकुमार मिश्रा, सुनील पासवान, अरविंद गुप्ता, साधु माझी, छोटू सिंह, अनुज पांडे, विजय ठाकुर, ज्योति पांडे, पप्पू गुप्ता, गुड्डू खान, लूडू खान, श्वेताग गर्ग, शुभम प्रसाद, विश्वजीत पाठक आदि भाजपा कार्यकर्ता थे।






