मेदिनीनगर।
पलामू में बोली जाने वाली मगही और भोजपुरी भाषा को प्रतियोगिता परीक्षाओं में क्षेत्रीय एवं स्थानीय भाषा के रूप में शामिल नहीं किए जाने को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने झारखंड सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जेटेट (Jharkhand Teacher Eligibility Test) में इन भाषाओं को स्थान नहीं मिलने से नाराज भाजपा ने विरोध स्वरूप मानव श्रृंखला बनाने का निर्णय लिया है।
शुक्रवार को छहमुहान चौक पर मानव श्रृंखला कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसके माध्यम से सरकार को चेतावनी दी जाएगी कि वह इस निर्णय को वापस ले। अन्यथा पूरे जिले में व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा। पलामू सर्किट हाउस में गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता में डालटनगंज विधायक आलोक चौरसिया, पांकी विधायक शशिभूषण मेहता एवं भाजपा जिलाध्यक्ष अमित तिवारी, भाजयुमो जिलाध्यक्ष विफुल गुप्ता ने संयुक्त रूप से यह जानकारी दी।
विधायक आलोक चौरसिया ने कहा कि मगही और भोजपुरी के साथ शासन-प्रशासन द्वारा भेदभाव किया जा रहा है। ये भाषाएं हमारी संस्कृति और पहचान की आत्मा हैं, लेकिन इन्हें उचित स्थान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने इसे भाषाओं को धीरे-धीरे समाप्त करने की दिशा में उठाया गया चिंताजनक कदम बताया।
वहीं पांकी विधायक शशिभूषण मेहता ने सरकार से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की। उन्होंने कहा कि भाषा के आधार पर किसी भी छात्र या नागरिक के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा फॉर्म भरने की तिथि समाप्त हो चुकी है, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
भाजपा जिलाध्यक्ष अमित तिवारी ने बताया कि जैसे ही यह प्रस्ताव सामने आया, पार्टी ने पलामू समाहरणालय के समक्ष इसकी प्रति जलाकर विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय पलामू के लोगों के लिए आत्मघाती है। भाजयुमो जिलाध्यक्ष विफुल गुप्ता ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब सरकार उड़िया और बंगला जैसी भाषाओं को क्षेत्रीय भाषा का दर्जा दे सकती है, तो भोजपुरी और मगही को क्यों नहीं? इस पर सरकार के पास कोई स्पष्ट जवाब नहीं है।
मौके पर भाजपा के वरिष्ठ नेता श्यामनारायण दुबे, शिव मिश्रा सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।
मगही-भोजपुरी को जेेटेट में शामिल नहीं करने पर भाजपा आक्रोशित, मानव श्रृंखला बनाकर करेगी विरोध






