मेदिनीनगर। मेयर पद की प्रत्याशी पूनम सिंह ने शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थल गांधी पार्क को लेकर तीखा बयान देते हुए कहा कि अब इसे निजी लाभ का माध्यम नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट घोषणा की कि जनता का आशीर्वाद मिलते ही पार्क में प्रवेश के नाम पर लिया जाने वाला शुल्क पूरी तरह समाप्त किया जाएगा। साथ ही बाहरी पानी और सामान्य खाद्य सामग्री ले जाने पर लगी पाबंदी भी हटाई जाएगी।
पूनम सिंह ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अपने ही शहर के पार्क में प्रवेश के लिए नागरिकों से शुल्क वसूला जाता है। बाहर से पानी या खाद्य सामग्री ले जाने पर रोक लगाकर लोगों को अंदर की दुकानों से खरीदारी के लिए मजबूर किया जाता है, जो जनसुविधा नहीं बल्कि आर्थिक दबाव का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि जब नागरिक हर स्तर पर टैक्स अदा करते हैं तो सार्वजनिक पार्क उनका अधिकार है, कोई व्यवसायिक जाल नहीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अब तक गांधी पार्क में कार्यक्रम आयोजित करने का अवसर केवल एक ही परिवार तक सीमित रहा है, जो लोकतांत्रिक और पारदर्शी व्यवस्था के अनुकूल नहीं है। सार्वजनिक स्थल पर किसी एक का एकाधिकार स्वीकार्य नहीं होगा।
पूनम सिंह ने घोषणा की कि भविष्य में पार्क को सभी व्यवसायियों और आयोजकों के लिए समान रूप से उपलब्ध कराया जाएगा। “पहले आओ, पहले पाओ” के सिद्धांत पर पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाएगी, जिसमें किसी प्रकार का पक्षपात, दबाव या नियंत्रण नहीं चलेगा। हर व्यवसायी को बराबरी का अवसर मिलेगा और पूरी प्रक्रिया सार्वजनिक व जवाबदेह होगी।
उन्होंने आगे कहा कि पार्क के रख-रखाव के लिए वैकल्पिक और पारदर्शी वित्तीय मॉडल लागू किया जाएगा, जिससे आम जनता पर कोई आर्थिक बोझ न पड़े। उनका उद्देश्य स्पष्ट है जनता को अधिकार, शहर को पारदर्शिता और व्यवस्था को जवाबदेही देना।
अंत में पूनम सिंह ने कहा, “सार्वजनिक संपत्ति पर किसी का निजी कब्जा या आर्थिक नियंत्रण अब नहीं चलेगा। गांधी पार्क जनता का है और जनता के लिए ही रहेगा।” उन्होंने विश्वास जताया कि जनसमर्थन मिलते ही शहर में ऐसी व्यवस्था स्थापित की जाएगी, जहाँ सुविधा अधिकार होगी, शुल्क नहीं; और अवसर समान होगा, सीमित नहीं।






