पलामू ।
सदर प्रखंड अंतर्गत जोड़-खनवा गांव में नीलगाय का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। जिससे किसानों को काफी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। नीलगाय के द्वारा झुंड के रूप में खेतों में घुस रही है जिससे किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंच रहा हैं। नीलगाय के द्वारा खासकर गेहूं, चना, आलू , अरहर एवं सब्जियों की फसल को नीलगायों के द्वारा रौंदकर और चरकर बर्बाद किया जा रहा हैं।
केस – 01
खनवा ग्रामीण किसान सुरेश महतो कहते है कि रात होते ही नीलगाय खेतों में प्रवेश कर जाती हैं और सुबह तक पूरी फसल नष्ट हो जाती है। कई किसानों की तो महीनों की मेहनत एक ही रात में खत्म हो जा रही है। फसल बर्बादी से किसान आर्थिक संकट में आ गए है।
केस – 02
जोड़ ग्राम के किसान महिमा नंद तिवारी बताते है की उन्हें खेती से लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है। उन्होंने बताया कि नीलगाय को भगाने के लिए रात-रात भर पहरा देना पड़ रहा है, नहीं तो खेत को तार या रस्सी से घेरना पड़ रहा है। जो की अतिरिक्त जेब खर्च बढ़ रहा है।
केस – 03
खनवा निवासी जगदीश यादव बताते है की नीलगाय से बचाव के लिए नीलगाय से संबंधित केमिकल का छिड़काव करना पड़ता है जिससे नीलगाय फसल को नुकसान नहीं पहुंचा पाते है लेकिन उसका भी असर 2 से 3 दिन ही रहता है जिससे की अतिरिक्त खर्च पड़ता है।
अन्य किसान बताते है की नीलगाय अधिक संख्या में होने के कारण वे असहाय महसूस कर रहे हैं। कई बार नीलगायों को भगाने के प्रयास में जान-माल का खतरा भी बना रहता है। जानकारी के अनुसार नीलगाय से सबसे अधिक जोड़, खनवा और बड़कागांव के किसानों को बर्बादी का सामना करना पड़ रहा है बहुत से किसान फसल नष्ट होने के वजह से पहले की अपेक्षा कम खेती कर रहे है।
ग्रामीणों तथा किसानों ने वन विभाग एवं जिला प्रशासन से मांग की है कि नीलगाय के आतंक से निजात दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। नहीं तो वन विभाग के द्वारा फसलों की सुरक्षा के लिए तारबंदी, सोलर फेंसिंग या अन्य प्रभावी व्यवस्था की जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके। यदि किसानों के हित में शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में खेती करना किसानों के लिए और भी मुश्किल हो जाएगा।






