संचालन समिति का गठन, मुख्य संरक्षक बने : मुकेश पांडेय
लेस्लीगंज (पलामू)।
सनातन धर्म सभा केंद्रीय समिति के नेतृत्व में आगामी 26 अक्टूबर को भव्य दुर्गा पूजा महोत्सव के तहत भक्ति जागरण सह सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर रविवार को केंद्रीय कार्यालय परिसर में बैठक आयोजित की गई। बैठक में समारोह को सफल बनाने के लिए संचालन समिति का गठन किया गया। सर्वसम्मति से मुकेश पांडेय को समिति का मुख्य संरक्षक चुना गया। समारोह में क्षेत्र की 50 से अधिक दुर्गा पूजा समितियों को सम्मानित किया जाएगा।
बैठक में केंद्रीय अध्यक्ष अजीत तिवारी ने विषय प्रवेश कराते हुए कहा कि सामूहिक प्रयास और श्रद्धालुओं के सहयोग से लगातार चौथे वर्ष भक्ति जागरण सह सम्मान समारोह का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम मध्य विद्यालय लेस्लीगंज के मैदान में आयोजित होगा। उन्होंने कहा कि माता रानी की कृपा सभी भक्तों पर बनी रहे और समाज के सभी लोग मिलकर सामाजिक सौहार्द, एकता और भाईचारे को मजबूत करने का संकल्प लें।
बैठक की अध्यक्षता संरक्षक रविंद्रनाथ पांडेय ने की, जबकि संचालन संत कुमार ने किया। उपस्थित सदस्यों ने आयोजन को भव्य और सफल बनाने के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करने पर जोर दिया।
संचालन समिति का गठन
गठित समिति में मुकेश पांडेय को मुख्य संरक्षक बनाया गया है। वहीं, संरक्षक के रूप में लक्ष्मी नारायण प्रसाद, बालकेश पासवान, अजीत सिन्हा, नागेंद्र सिंह उर्फ नगीना सिंह, वरुण तिवारी और नवल किशोर राय उर्फ डब्लू राय को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कार्यकारिणी सदस्यों में सुदर्शन सोनी, आकाश सिंह, पवन सोनी, सुनील कुशवाहा, राजू गुप्ता, कुश कुमार रवि, अरविंद डिसिलवा, पप्पू सिंह, सुनील यादव, पिंटू कश्यप, अंकु राय, पंकज दुबे, रामाशंकर कुमार, चंद्र प्रकाश पासवान उर्फ मुन्ना, मंदीप सिंह, दिलीप तिवारी, अजीत वाल्मीकि और मुन्ना चंद्रवंशी सहित अन्य लोगों को शामिल किया गया है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की जिम्मेदारी उमाशंकर मिश्रा महानायक, गीतकार राजीव द्विवेदी, मुनींद्रनाथ दुबे, राजू राय और रामप्रकाश तिवारी को सौंपी गई है। वहीं, मीडिया प्रभारी के रूप में चंदन दुबे, जलेश शर्मा और रेवती रमन को जिम्मेदारी दी गई है।
समिति के सदस्यों ने उम्मीद जताई कि भक्ति जागरण सह सम्मान समारोह के माध्यम से धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को भी मजबूती मिलेगी।






