लोकतांत्रिक प्रक्रिया, नेतृत्व और सामूहिक निर्णय लेने का विद्यार्थियों ने किया व्यवहारिक अनुभव
मेदिनीनगर, पलामू।
झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद, रांची एवं जिला शिक्षा विभाग, पलामू के निर्देशानुसार जिले के सभी 24 माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक पीएम श्री विद्यालयों में गुरुवार को मॉडल यूथ ग्राम सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं, ग्राम सभा की कार्यप्रणाली और स्थानीय शासन व्यवस्था की व्यवहारिक जानकारी देना रहा।
मॉडल यूथ ग्राम सभा के माध्यम से विद्यार्थियों को ‘करके सीखने’ (Learning by Doing) की अवधारणा से जोड़ा गया। विद्यार्थियों ने ग्राम सभा की वास्तविक प्रक्रिया को समझते हुए विभिन्न भूमिकाओं का निर्वहन किया। इस दौरान सामूहिक चर्चा, संवाद, नेतृत्व, निर्णय लेने और स्थानीय समस्याओं के समाधान जैसी गतिविधियों में विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
कार्यक्रम के दौरान लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से विद्यार्थियों ने नेतृत्व का चयन भी किया। इसके जरिए उनमें नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, निर्णय लेने की क्षमता, संवाद कौशल तथा जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना विकसित करने का प्रयास किया गया।
मॉडल यूथ ग्राम सभा के तहत जिले के सभी 24 पीएम श्री विद्यालयों का निर्धारित मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालय का चयन कर उसे राज्य स्तर पर पुरस्कृत किया जाएगा।
इसी क्रम में जिला स्तर से एपीओ मनोज मिश्रा ने पीएम श्री विद्यालय, सिकिकिला पहुंचकर मॉडल यूथ ग्राम सभा में सहभागिता की। उन्होंने विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी का अवलोकन किया और उनका उत्साहवर्धन करते हुए लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में पिरामल फाउंडेशन की टीम लीडर शिल्पा सिंह भी उपस्थित रहीं। उन्होंने विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि मॉडल यूथ ग्राम सभा बच्चों को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को व्यवहारिक रूप से समझने का अवसर प्रदान कर रही है। ऐसी गतिविधियों से विद्यार्थियों में नेतृत्व, संवाद, सामूहिक निर्णय लेने और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है।
मॉडल यूथ ग्राम सभा के माध्यम से विद्यार्थियों को कक्षा में अर्जित ज्ञान को वास्तविक जीवन की परिस्थितियों से जोड़ने का अवसर मिल रहा है। यह पहल विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक मूल्यों, नेतृत्व क्षमता और सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।






