108 और 112 पर कॉल के बावजूद नहीं मिली तत्काल मदद, ग्रामीणों ने तेज रफ्तार और आपातकालीन सेवाओं पर उठाए सवाल
मोहम्मदगंज (पलामू)।
मोहम्मदगंज-जपला मुख्य पथ पर सोमवार सुबह करीब 9:20 बजे भजनिया स्थित नागाबाबा मंदिर के पास बाइक और टेंपो के बीच जोरदार टक्कर हो गई। इस भीषण सड़क हादसे में बाइक सवार एक युवक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को परिजन इलाज के लिए हुसैनाबाद अस्पताल ले गए।
मृतक की पहचान मोहम्मदगंज थाना क्षेत्र के बटउआ गांव निवासी उदेश राम के पुत्र रोहित के रूप में हुई है। रोहित अपने ननिहाल मोहम्मदगंज के रामनगर में रहता था। जानकारी के अनुसार, वह अपने साथी के साथ बाइक से घर की ओर जा रहा था। बाइक पर उसके साथ किसुंडीह टोला निवासी स्वर्गीय जटू राम का पुत्र भी सवार था, जिसे स्थानीय स्तर पर लेदा के नाम से जाना जाता है।
इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रहे टेंपो से बाइक की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि रोहित के गले में गंभीर चोट आई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, दूसरे युवक का माथा फट गया और उसकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
108 और 112 पर कॉल, फिर भी नहीं मिली तत्काल मदद
हादसे के बाद घटनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। घायल युवक को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों ने 108 एंबुलेंस सेवा पर कई बार फोन किया, लेकिन उनके अनुसार, कॉल का जवाब नहीं मिला। इसके बाद 112 पुलिस सेवा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन वहां से भी तत्काल प्रतिक्रिया नहीं मिलने का आरोप है।
अंततः ग्रामीणों ने थाने के मोबाइल नंबर पर घटना की सूचना दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को अस्पताल पहुंचाया। घटना के बाद आपातकालीन सेवाओं की तत्परता को लेकर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं।
एक माह में कई हादसे, तेज रफ्तार पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले एक महीने के भीतर मोहम्मदगंज-जपला मुख्य पथ पर भजनिया के मल्होरी टोला से लेकर सबनवा मोड़ तक कई सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि तेज रफ्तार और यातायात सुरक्षा नियमों की अनदेखी के कारण हादसों का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
ग्रामीणों ने सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पिछले करीब पांच वर्षों से लगातार बाइक जांच अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित नहीं हो पा रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि जांच अभियान के बावजूद सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण क्यों नहीं हो पा रहा है?
गति नियंत्रण और आपातकालीन सेवाओं को दुरुस्त करने की मांग
लगातार हो रही दुर्घटनाओं से चिंतित स्थानीय लोगों ने मुख्य पथ पर गति नियंत्रण के उपाय करने, नियमित यातायात निगरानी बढ़ाने और सड़क सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन कराने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने 108 एंबुलेंस और 112 पुलिस सेवा की त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित करने की अपील की है, ताकि दुर्घटना के समय घायलों को समय पर मदद मिल सके और भविष्य में ऐसे हादसों में होने वाली जनहानि को रोका जा सके।






