15 दिन पहले सोशल मीडिया पर जताई गई थी हादसे की आशंका, ग्रामीणों ने पाइपलाइन कंपनी की लापरवाही को ठहराया जिम्मेदार
हुसैनाबाद/पलामू।
जपला-छतरपुर मुख्य सड़क पर सोमवार सुबह गम्हरिया गांव के समीप हुए भीषण सड़क हादसे में एक वृद्ध की मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना में दो बच्चों को भी चोटें आई हैं। हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक ऑटो में दो बच्चों समेत आठ लोग सवार होकर जा रहे थे। इसी दौरान गम्हरिया गांव के पास एक बोरवेल ट्रक और ऑटो के बीच जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि गोरयाथान निवासी 65 वर्षीय चन्द्रिका यादव का पैर कटकर अलग हो गया।
गंभीर रूप से घायल चन्द्रिका यादव को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।घायलों में समसुन बीबी (65 वर्ष), पीर मोहम्मद (35 वर्ष), समीरा खातून (30 वर्ष), लालदेव (36 वर्ष) तथा सरिता देवी (54 वर्ष) शामिल हैं। गंभीर रूप से घायल समसुन बीबी और पीर मोहम्मद को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए मेदिनीनगर सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहीं अभिषेक कुमार (10 वर्ष) समेत दो बच्चों को भी चोटें आई हैं।स्थानीय ग्रामीणों ने दुर्घटना के लिए सड़क किनारे पाइपलाइन बिछाने वाली कंपनी की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़क किनारे मिट्टी को ऊंचा छोड़ दिया गया, जिससे सड़क संकरी और असुरक्षित हो गई।
उनका कहना है कि इसी कारण वाहन चालकों को आवागमन में कठिनाई हो रही है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए और सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर जाम हटाने तथा यातायात सामान्य कराने का प्रयास किया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बताते चले की करीब 15 दिन पूर्व सोशल मीडिया पर “अपना काम बनता, भांड़ में जाए जनता” शीर्षक से प्रकाशित एक पोस्ट में कबीरा ने पाइपलाइन कंपनी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आशंका जताई थी कि जपला-छतरपुर रोड पर कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। हालांकि स्थानीय लोगों के अनुसार उस समय प्रशासनिक अधिकारियों ने इस चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया। सोमवार की दुर्घटना के बाद एक बार फिर सड़क सुरक्षा और निर्माण कार्यों की निगरानी को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।






