चैनपुर/मेदिनीनगर।
पलामू जिले में महज 1300 रुपए के लालच और नशे की लत ने दोहरी हत्या की खौफनाक वारदात को जन्म दिया। चैनपुर और शहर थाना क्षेत्र में हुए इस डबल मर्डर केस का खुलासा करते हुए पुलिस ने तीन महीने बाद मुख्य आरोपी चुनमुन चौधरी उर्फ अजित चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, 16 जनवरी को चैनपुर थाना क्षेत्र के रैनीबांध के पास शंकर राम का आंशिक जला हुआ शव बरामद हुआ था। उसी दिन डालटनगंज रेलवे स्टेशन के आगे रेलवे पुल के पास एक केबिन से करीवा उर्फ छोटू का पत्थर से कुचला हुआ शव मिला था। दोनों मामलों में हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
पुलिस के जांच में खुलासा हुआ कि 15 जनवरी को आरोपी चुनमुन चौधरी, शंकर राम और करीवा उर्फ छोटू के साथ स्टेशन क्षेत्र में गांजा पी रहा था। इसी दौरान उसे पता चला कि शंकर के पास 1300 रुपए हैं। पैसों के लालच में चुनमुन ने करीवा के साथ मिलकर शंकर को चैनपुर क्षेत्र के रैनीबांध के पास ले जाकर लूट लिया और फिर पत्थर से कुचलकर हत्या कर दी। इसके बाद पहचान छिपाने के लिए शव को जलाने की कोशिश की गई।
हत्या के बाद दोनों को डर हुआ कि मामला उजागर हो सकता है। इसी बीच पैसे के बंटवारे को लेकर करीवा और चुनमुन के बीच विवाद हो गया। जिसमे से चुनमुन के द्वारा करिवा को 300 रुपया दिया गया पर करीवा के द्वारा बराबर पैसा बांटने को कहा जा रहा था नहीं देने पर पुलिस को बताने की धमकी दी जा रही थी, करीवा द्वारा राज खोलने की धमकी देने पर चुनमुन ने उसकी भी हत्या की साजिश रच डाली। आरोपी ने करीवा को डालटनगंज रेलवे स्टेशन के आगे रेलवे पुल के पास ले जाकर पत्थर से कुचलकर मार डाला और शव को कचरे में छुपा दिया।
पुलिस के द्वारा तीन महीने तक चले सघन अनुसंधान के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने दोनों हत्याओं की बात स्वीकार कर ली है। उसके पास से मृतक का पर्स, आधार कार्ड और फोटो बरामद किया गया है।
पुलिस कप्तान ने बताया कि करीवा उर्फ छोटू के परिजनों की अब तक पहचान नहीं हो सकी है। वह स्टेशन के आसपास रहकर मजदूरी करता था। इस कार्रवाई में चैनपुर थाना प्रभारी श्रीराम शर्मा और शहर थाना की टीम की अहम भूमिका रही।






