चिकित्सक की अनुपस्थिति में उपचार और जांच का आरोप, अवैध अल्ट्रासाउंड संचालन भी मिला, प्राथमिकी दर्ज
विश्रामपुर/पलामू।
जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त, पलामू के निर्देश पर सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार पांडेय ने बुधवार, 30 सितंबर को विश्रामपुर प्रखंड के सोरडीहा स्थित राहत अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। आम नागरिकों से मिली शिकायतों के सत्यापन के दौरान प्रशासनिक टीम ने अस्पताल में कई अनियमितताएं पाईं। इसके बाद संस्थान को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक टीम ने पाया कि चिकित्सक की अनुपस्थिति में मरीजों का उपचार एवं विभिन्न प्रकार की चिकित्सकीय जांच की जा रही थी। इसके अलावा अस्पताल में अवैध रूप से अल्ट्रासाउंड संचालन किए जाने का मामला भी सामने आया। टीम ने अस्पताल में मौजूद चिकित्सकीय उपकरणों और अन्य संबंधित सामग्रियों का भी बारीकी से निरीक्षण किया।
पूरी कार्रवाई के दौरान पाए गए तथ्यों और उपलब्ध सामग्रियों की वीडियोग्राफी कराई गई, ताकि कार्रवाई के लिए आवश्यक साक्ष्य सुरक्षित रखे जा सकें। संबंधित सामग्रियों की जब्ती सूची तैयार कर नियमानुसार जब्ती की कार्रवाई भी की गई। इसके बाद राहत अस्पताल को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।
मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई के तहत डॉ. मनोज थॉमस कंडुलना द्वारा विश्रामपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध अनुमति, पंजीकरण या निर्धारित चिकित्सकीय मानकों के विपरीत स्वास्थ्य सेवाएं संचालित करने वाले संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। अस्पताल, नर्सिंग होम, अल्ट्रासाउंड सेंटर, एक्स-रे केंद्र और पैथोलॉजी केंद्र समेत अन्य स्वास्थ्य संस्थानों की जांच भी की जा रही है।
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी स्वास्थ्य संस्थान में इलाज कराने से पहले उसकी वैधता, आवश्यक पंजीकरण-अनुमति और संबंधित चिकित्सक की उपलब्धता एवं पंजीकरण की जानकारी जरूर लें। निरीक्षण के दौरान अंचल अधिकारी विश्रामपुर, थाना प्रभारी विश्रामपुर, अंचल निरीक्षक सहित अन्य पदाधिकारी और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।






