चोरी की 17 बाइक और टोटो बरामद, सात आरोपी गिरफ्तार
हजारीबाग।
जिले में मोटरसाइकिल चोरी और चोरी के वाहनों की खरीद-बिक्री करने वाले गिरोह के खिलाफ हजारीबाग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने गिरोह के सात आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी की 17 मोटरसाइकिल, एक टोटो और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में छापेमारी कर वाहनों को बरामद किया गया।
पुलिस के अनुसार, 17 सितंबर 2026 को पुलिस अधीक्षक हजारीबाग को सूचना मिली थी कि जिले में पूर्व से सक्रिय मोटरसाइकिल चोर गिरोह फिर से चोरी की बाइक की खरीद-बिक्री और चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहा है। सूचना के सत्यापन और कार्रवाई के लिए बड़कागांव एसडीपीओ अमित आनंद, डीएसपी मुख्यालय ज्ञान रंजन और सदर एसडीपीओ रूपक कुमार सिंह के नेतृत्व में विशेष छापामारी टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर संदिग्ध ठिकानों पर निगरानी शुरू की। इसी दौरान छड़वा डैम के ब्रिज क्षेत्र में कुछ संदिग्धों को मोटरसाइकिल के साथ देखा गया। पुलिस की गाड़ी देखते ही वे भागने लगे, लेकिन टीम ने घेराबंदी कर चार लोगों को पकड़ लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि बरामद सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल चोरी की है। उन्होंने स्वीकार किया कि 16 सितंबर को छड़वा मैदान बाजार से बाइक चोरी की गई थी, जिसके संबंध में कटकमसांडी (पेलावल ओपी) थाना कांड संख्या 149/26 दर्ज है।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने अन्य चोरी की मोटरसाइकिलों के ठिकानों की भी जानकारी दी। उनकी निशानदेही पर विभिन्न स्थानों से कुल 17 चोरी की मोटरसाइकिल और एक टोटो बरामद किया गया। पुलिस ने बताया कि कुछ वाहन आरोपियों के घर, गैराज और जंगल-झाड़ियों में छिपाकर रखे गए थे, जबकि कुछ वाहनों को अलग-अलग गैराज में बेचने की बात सामने आई है।
गिरफ्तार आरोपियों में मो. हुसैन अंसारी उर्फ दानिश, इरफान अंसारी उर्फ छोटे, मो. मुन्ना उर्फ ताहिर, तस्लीम अंसारी, सरफराज आलम, पवन कुमार साव और फजरूदीन शामिल हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
कार्रवाई में बड़कागांव एसडीपीओ अमित आनंद, डीएसपी मुख्यालय ज्ञान रंजन, सदर एसडीपीओ रूपक कुमार सिंह सहित पेलावल, सदर, लोहसिंघना, कोर्रा, पदमा, मुफस्सिल, केरेडारी, कटकमदाग और कटकमसांडी थाना क्षेत्र के पुलिस पदाधिकारी व तकनीकी शाखा की टीम शामिल रही।






