लोहरदगा से डेहरी ले जाए जा रहे थे पशु, जोड़ा चेक पोस्ट और पोखराहा चौक के पास पुलिस की कार्रवाई
मेदिनीनगर (पलामू)।
पलामू पुलिस ने अवैध पशु तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो कंटेनर वाहनों से कुल 73 भैंस और भैंसा बरामद किए हैं। इस मामले में दोनों कंटेनरों के चालकों सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, पशुओं को वाहनों की निर्धारित क्षमता से अधिक संख्या में क्रूरतापूर्वक लादकर लोहरदगा से डेहरी की ओर ले जाया जा रहा था।
पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 26 अक्टूबर 2026 की रात करीब 11 बजे पशु तस्करी की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर वरीय पदाधिकारियों के निर्देश पर सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राजेश यादव के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने एनएच-39 पर सदर थाना के जोड़ चेक पोस्ट के पास वाहन जांच अभियान शुरू किया।
भागने की कोशिश, फिर पुलिस ने पकड़ा कंटेनर
सोमवार रात की रात करीब 2:50 बजे चियांकी की ओर से आ रहे एक कंटेनर को पुलिस ने रुकने का इशारा किया। हालांकि, चालक वाहन की रफ्तार बढ़ाकर भागने का प्रयास करने लगा। मौके पर मौजूद पुलिस पदाधिकारियों और सशस्त्र बल के जवानों ने पीछा कर कंटेनर को पकड़ लिया। जांच के दौरान उसमें क्षमता से अधिक संख्या में भैंस और भैंसा लदे मिले। इस कंटेनर से कुल 38 पशु बरामद किए गए।
इसके बाद पुलिस ने आगे की कार्रवाई करते हुए पोखराहा चौक के पास दूसरे कंटेनर को पकड़ा। इस वाहन में भी क्षमता से अधिक संख्या में पशुओं को लादकर ले जाया जा रहा था। दूसरे कंटेनर से 35 भैंस और भैंसा बरामद किए गए। इस तरह दोनों वाहनों से कुल 73 पशुओं को बरामद किया गया।
उत्तर प्रदेश और लोहरदगा के आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के अजीम और मो. फरजान शामिल हैं। वहीं, लोहरदगा जिले के तैमुरू कुरैशी, मो. राजा, इरसाद अंसारी और गुलजार अंसारी को भी गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने दोनों कंटेनर वाहनों को जब्त कर लिया है। जब्त वाहनों के पंजीकरण नंबर UP 21 CT 6960 और NL 01L 1543 हैं।
एसडीपीओ के नेतृत्व में हुई छापेमारी
इस कार्रवाई में सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राजेश यादव के नेतृत्व में सदर थाना के पुलिस अवर निरीक्षक कुलेश्वर महतो, सहायक अवर निरीक्षक पंकज कुमार तिवारी और संजय कुमार दुबे सहित सदर थाना रिजर्व गार्ड एवं एसडीपीओ के अंगरक्षक शामिल थे।
पुलिस की इस कार्रवाई को अवैध पशु तस्करी के खिलाफ महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।






