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पलामू में निजी नर्सिंग होम पर गंभीर सवाल: दो महिलाओं और नवजात की मौत, जांच के दौरान डॉक्टर और स्टाफ गायब

On: October 24, 2026 9:03 AM
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मेदिनीनगर के जीवन ज्योति नर्सिंग होम में दो प्रसूताओं की मौत से मचा हड़कंप, नवजातों को एएनएम के भरोसे छोड़ने का आरोप; स्वास्थ्य विभाग ने जांच कर कार्रवाई का दिया आश्वासन

मेदिनीनगर, पलामू। पलामू जिले में निजी अस्पतालों की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। मेदिनीनगर के पांकी रोड स्थित जीवन ज्योति नर्सिंग होम में इलाज के दौरान दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि एक नवजात शिशु की मौत की भी जानकारी सामने आई है। इस घटना के बाद जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। घटना के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, वहीं परिजनों में भारी आक्रोश है।

मृत महिलाओं की पहचान पाटन थाना क्षेत्र के सखोई गांव निवासी सुमन कुमारी और गढ़वा क्षेत्र की पूजा कुमारी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, दोनों महिलाओं की मौत प्रसव के दौरान या उसके बाद तबीयत बिगड़ने से हुई। हालांकि, नवजात की मौत के कारण और पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

जानकारी के अनुसार, पूजा कुमारी को शुक्रवार को नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। उन्होंने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण उनकी मौत हो गई। वहीं, शनिवार सुबह प्रसव के लिए भर्ती कराई गईं सुमन कुमारी ने दो बच्चियों को जन्म दिया। जन्म के बाद दोनों बच्चियां स्वस्थ बताई गईं, लेकिन सुमन की तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल कर्मियों ने उन्हें नारायण अस्पताल रेफर कर दिया। वहां शनिवार दोपहर करीब दो बजे उनकी मौत हो गई। एक ओर परिवार में दो बच्चियों के जन्म की खुशी थी, तो दूसरी ओर मां की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

जांच के दौरान अस्पताल से डॉक्टर और स्टाफ नदारद
घटना की सूचना मिलने के बाद सिविल सर्जन डॉ. अनिल श्रीवास्तव के निर्देश पर प्रभारी चिकित्सक डॉ. सीमा ने नर्सिंग होम का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान अस्पताल में डॉक्टर और अधिकांश कर्मचारी मौजूद नहीं मिले। आरोप है कि नवजात बच्चों को एक एएनएम के भरोसे छोड़ दिया गया था। डॉ. सीमा ने अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों से बातचीत कर स्थिति का जायजा लिया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया।

निजी अस्पतालों की निगरानी पर उठे सवाल
इस घटना ने पलामू जिले में निजी नर्सिंग होम की निगरानी और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और परिजनों में घटना को लेकर नाराजगी है। लोगों का सवाल है कि यदि अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी उपलब्ध नहीं थे, तो प्रसव जैसी संवेदनशील चिकित्सा सेवा कैसे संचालित की जा रही थी?

फिलहाल, मामले में स्वास्थ्य विभाग की जांच और संभावित कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं। हालांकि, मौतों के लिए किसी की लापरवाही जिम्मेदार थी या नहीं, यह जांच के निष्कर्ष और आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा।

ipnnews14@gmail.com

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