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परशुराम मंदिर धाम में शिवमहापुराण कथा का छठा दिन, हजारों श्रद्धालु हुए भाव-विभोर

On: February 7, 2026 9:11 AM
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पलामू।
पलामू जिला मुख्यालय डाल्टनगंज स्थित परशुराम मंदिर धाम में आयोजित सप्तदिवसीय शिवमहापुराण कथा के छठे दिन श्रद्धा और भक्ति का अनुपम दृश्य देखने को मिला। परमपूज्या देवी कृष्णाप्रिया जी के मुखारविंद से प्रवाहित शिवकथा को सुनने के लिए हजारों श्रद्धालु कथा पंडाल में उमड़ पड़े। आरती के पश्चात “जय जय शिव शंकर महेश्वरम” भजन के साथ कथा का शुभारंभ हुआ, जिससे वातावरण पूरी तरह शिवमय हो गया।

मंगलाचरण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए देवी जी ने कहा कि कथा और भक्ति की नींव मंगलाचरण से ही पड़ती है। जैसे नींव मजबूत होगी तभी भवन मजबूत होगा, वैसे ही सच्चे मन से किया गया मंगलाचरण भक्ति को निष्कंटक बनाता है। उन्होंने कहा कि शिवकथा वहीं पहुंचती है जिसके हृदय में भगवान शंकर के प्रति अटूट विश्वास होता है। काशीवास को पुण्य का फल बताते हुए उन्होंने कहा कि अनेक जन्मों की तपस्या के बाद ही शिव भक्ति और उनके चरणों में स्थान प्राप्त होता है। कथा में विट्ठलनाथ पंढरीनाथ की प्रेरक कथा सुनाते हुए देवी जी ने माता-पिता की सेवा को सर्वोच्च भक्ति बताया। उन्होंने कहा कि माता-पिता की सेवा से ही भगवान की कृपा प्राप्त होती है और यही सच्ची भक्ति है। साथ ही भक्त और आसक्त का अंतर समझाते हुए बताया कि सच्चा भक्त हर क्षण भगवान के स्मरण में लीन रहता है।

देवी जी ने शिव को करुणा और आशुतोष का प्रतीक बताते हुए कहा कि भगवान शिव संहार नहीं करते, बल्कि शरण में आए भक्तों के काम, क्रोध, अहंकार और वासनाओं का नाश करते हैं। ओमकार की महिमा बताते हुए उन्होंने कहा कि ‘ॐ’ सदाशिव का स्वरूप है, जिसके जाप से मन शांत और ऊर्जावान होता है। कथा में नंदीश्वर, दुर्वासा ऋषि, हनुमान, अश्वत्थामा सहित 11 रुद्रों के अवतारों का विस्तार से वर्णन किया गया। क्रोध पर नियंत्रण का संदेश देते हुए देवी जी ने कहा कि क्रोध आने पर मौन धारण कर भगवान का स्मरण करें, इससे जीवन में शांति बनी रहती है। उन्होंने सेवा, दान, नम्र वाणी और दया को शिव भक्ति का मूल बताया। बेलपत्र के महत्व पर जोर देते हुए श्रद्धालुओं से उसका सम्मान करने की अपील की।

कथा के अंत में देवी कृष्णाप्रिया जी ने नदियों, तीर्थों और कथा स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने का आग्रह किया। भजन और आरती के साथ शिवमहापुराण कथा के षष्ठम दिवस का भावपूर्ण विश्राम हुआ।

ipnnews14@gmail.com

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