रिपोर्ट – मनीष तिवारी
जैविक खाद, कृषि रसायन की डीलरशिप और पॉलीहाउस निर्माण के नाम पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज, दुकान के 155 रुपये, होटल के 3,350 रुपये और तीन कर्मचारियों का वेतन लेकर भागने का भी आरोप
मेदिनीनगर (पलामू)।
पलामू जिले में जैविक खाद, कृषि रसायन की डीलरशिप, पॉलीहाउस निर्माण और पौधरोपण के नाम पर लाखों रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। प्रकृति बायो सॉल्यूशन कंपनी के नाम पर 18 लोगों से कुल 76 लाख 97 हजार 340 रुपये की ठगी किए जाने का आरोप लगाया गया है। मामले में हैदरनगर थाना क्षेत्र के कोसियारा गांव निवासी राशिद इकबाल सिद्दीकी के आवेदन पर मेदिनीनगर शहर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
डीलरशिप और कृषि कारोबार का झांसा देकर वसूली
शिकायतकर्ता के अनुसार, संबंधित लोगों ने प्रकृति बायो सॉल्यूशन कंपनी के नाम पर पूरे पलामू जिले में जैविक खाद एवं कृषि रसायन की अधिकृत डीलरशिप दिलाने, जिला और पंचायत स्तर पर कारोबार शुरू कराने, पॉलीहाउस स्थापित करने तथा चंदन सहित अन्य पौधों का रोपण कराने का भरोसा दिया था। इन आश्वासनों पर विश्वास कर शिकायतकर्ता ने डीलरशिप के लिए 8 लाख 34 हजार 500 रुपये का भुगतान किया। आरोप है कि रुपये लेने के बाद संबंधित लोगों ने संपर्क कम कर दिया और रकम वापस नहीं की।
18 लोगों को बनाया शिकार, 76.97 लाख रुपये की ठगी का दावा
आवेदन में शिकायतकर्ता सहित कुल 18 लोगों के साथ कथित धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है। इनमें पलामू के विभिन्न प्रखंडों के अलावा बिहार के औरंगाबाद जिले के लोग भी शामिल हैं। शिकायत के मुताबिक, किसी से पॉलीहाउस निर्माण, किसी से कृषि रसायन की डीलरशिप, तो किसी से चंदन के पौधे लगाने और कृषि कारोबार शुरू कराने के नाम पर रुपये लिए गए।
आवेदन में अलग-अलग पीड़ितों की ओर से दी गई रकम का विवरण भी दिया गया है। इसमें 12.50 लाख, 10.11 लाख, 7 लाख और 6.30 लाख रुपये जैसी बड़ी रकम शामिल है। शिकायतकर्ता का दावा है कि सभी पीड़ितों से कुल 76,97,340 रुपये की कथित धोखाधड़ी की गई है।
दुकान, होटल और कर्मचारियों के वेतन की रकम लेकर भागने का भी आरोप
इस मामले में एक और चौंकाने वाला आरोप सामने आया है। शिकायत के अनुसार, संबंधित व्यक्ति पर दुकान से 155 रुपये, होटल से 3,350 रुपये तथा कार्यालय में काम करने वाले तीन अलग-अलग कर्मचारियों का एक महीने का वेतन लेकर फरार होने का आरोप है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
आठ लोगों के नाम आवेदन में शामिल
शिकायत में प्रकृति बायो सॉल्यूशन कंपनी के साथ सर्वेश पांडेय, राजवीर पांडेय उर्फ सिकंदर, रवि सिंह, परवीन पांडेय, डीके सिंह उर्फ नितिन सिंह, आकाश मिश्रा, वैभव सिंह और आर.एस. यादव सहित आठ लोगों के नामों का उल्लेख किया गया है।
आवेदन में कंपनी के पंजीकरण संबंधी विवरण, वेबसाइट, पंजाब स्थित कार्यालय के पते और मेदिनीनगर के बैरिया चौक के पास स्थानीय कार्यालय होने की जानकारी भी दी गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि लोगों का विश्वास जीतने के लिए पोस्ट-डेटेड चेक और अन्य दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। आवेदन में बैंक खातों, वाहनों के पंजीकरण नंबर और लेन-देन से संबंधित दस्तावेजों का भी उल्लेख किया गया है।
प्राथमिकी दर्ज, जांच में जुटी पुलिस
शिकायतकर्ता राशिद इकबाल सिद्दीकी ने पुलिस से पूरे मामले की जांच करने, बैंक खातों एवं लेन-देन के दस्तावेजों का सत्यापन करने, आरोपित लोगों की भूमिका स्पष्ट करने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही, पीड़ितों की रकम वापस दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया गया है।
शहर थाना प्रभारी ज्योति लाल रजवार ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस आगे की जांच कर रही है।






