सरकारी सुविधा पर सवाल, उपयोग नहीं होने से योजना के उद्देश्य पर उठे सवाल
पाण्डु/पलामू।
स्वच्छता और जनसुविधा के उद्देश्य से लाखों रुपये की लागत से बनाया गया सामुदायिक शौचालय इन दिनों खुद व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। पाण्डु प्रखंड में निर्माण के बाद शौचालय के दरवाजे पर ताला लटक रहा है, जिसके कारण आम लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब सार्वजनिक उपयोग के लिए सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया है, तो उसे बंद रखने का औचित्य क्या है? लोगों का आरोप है कि सरकारी राशि खर्च होने के बावजूद यदि सुविधा का इस्तेमाल ही नहीं हो पा रहा है, तो योजना का उद्देश्य किस हद तक पूरा हुआ, यह बड़ा सवाल है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, शौचालय के बंद रहने से संचालन और रखरखाव की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों ने जानना चाहा है कि निर्माण के बाद इसके संचालन की जिम्मेदारी किसे दी गई और क्या इसके रखरखाव के लिए कोई व्यवस्था की गई है।
जिम्मेदारों से उठे सवाल
लाखों रुपये की लागत से बने शौचालय में ताला क्यों लटका है?, निर्माण के बाद इसके संचालन की जिम्मेदारी किसे सौंपी गई?, रखरखाव के लिए क्या कोई राशि या व्यवस्था निर्धारित है?, बंद पड़े भवन से सरकारी योजना का उद्देश्य कैसे पूरा होगा?,
क्या संबंधित विभाग के अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण किया है?।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सामुदायिक शौचालय को जल्द आम जनता के लिए खोलने तथा इसकी स्थिति की जांच कराने की मांग की है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और बंद पड़ी सरकारी सुविधा का लाभ लोगों को कब तक मिल पाता है।






