
मेदिनीनगर।
पलामू पुलिस ने वर्ष 2025 में अपराध नियंत्रण, नक्सल उन्मूलन, साइबर अपराध पर लगाम और जनसरोकार से जुड़ी गतिविधियों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत किया है। जनवरी 2025 से 20 दिसंबर 2025 तक जिले में कुल 3617 कांड दर्ज हुए, जबकि पुलिस ने त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए 4348 कांडों का निष्पादन किया।
पलामू की पुलिस अधीक्षक रीष्मा रमेशन ने जारी विज्ञप्ति में बताया कि वर्ष 2025 में हत्या के 100, लूट के 39, डकैती के 4 और गृहभेदन के 141 मामले दर्ज किए गए। कई प्रमुख अपराध शीर्षों में वर्ष 2024 की तुलना में गिरावट दर्ज की गई है, जो पुलिस की सक्रियता और सख्त निगरानी का परिणाम है।
अवैध खनन के विरुद्ध चलाए गए विशेष अभियान में पुलिस ने बालू, कोयला और स्टोन चिप्स की भारी मात्रा जब्त की। साथ ही हाइवा, ट्रक, ट्रैक्टर सहित कई अवैध परिवहन में संलिप्त वाहनों को सीज कर कार्रवाई की गई।
नक्सल विरोधी अभियानों में भी पलामू पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी। वर्ष 2025 में कुल 11 नक्सलियों की गिरफ्तारी की गई, जबकि दो कुख्यात नक्सली कमांडर मुठभेड़ में मारे गए। मारे गए नक्सलियों में टीएसपीसी संगठन का पांच लाख रुपये का इनामी कमांडर मुखदेव यादव उर्फ तुफानी जी तथा भाकपा (माओवादी) का एरिया कमांडर तुलसी भुइयां शामिल हैं। अभियानों के दौरान आईईडी, इंसास और एसएलआर राइफल, भारी मात्रा में गोलियां, मोबाइल फोन, वॉकी-टॉकी और नक्सली साहित्य बरामद किया गया।
साइबर अपराध के खिलाफ भी पुलिस ने सख्त रुख अपनाया। एनसीआरपी पोर्टल के माध्यम से दर्ज शिकायतों के आधार पर करीब 80 लाख रुपये फ्रीज किए गए, जिनमें से अब तक 6 लाख रुपये पीड़ितों को वापस कराए जा चुके हैं। इसके अलावा ऑनलाइन बेटिंग रैकेट का पर्दाफाश करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
वर्ष 2025 में पलामू पुलिस द्वारा 2040 वारंट, 34 कुर्की तथा 159 स्थायी वारंट का सफल निष्पादन किया गया। आधुनिक कंपोजिट कंट्रोल रूम का उद्घाटन, खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन और जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से पुलिस ने आम जनता के साथ बेहतर संवाद स्थापित किया।
पुलिस अधीक्षक रीष्मा रमेशन ने कहा कि पलामू पुलिस “सेवा ही लक्ष्य” के सिद्धांत पर कार्य करते हुए आगे भी जिले में शांति, सुरक्षा और विश्वास का माहौल बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।






