मेदिनीनगर – झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) के मेदिनीनगर अंचल में केवल 3 कनीय अभियंता कार्यरत है। मेदिनीनगर डिविजन में दो, लातेहार डिविजन में एक और छतरपुर डिविजन में शून्य कनीय अभियंता कार्यरत हैं। पलामू और लातेहार जिले के करीब 4 लाख बिजली उपभोक्ता को निर्बाध और क्वालिटी बिजली आपूर्ति की जवाबदेही कनीय अभियंताओं पर है परंतु जरूरत की तुलना बेहद कम संख्या में पदस्थापना से कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। जेबीवीएनएल के मेदिनीनगर एरिया अंतर्गत मेदिनीनगर अंचल, 19 सेक्शन में विभक्त है। इसके लिए कम से कम 19 कनीय अभियंता की अवश्यकता है। मेदिनीनगर डिविजन में नौ सेक्शन के लिए केवल दो कनीय अभियंता कार्यरत हैं। लातेहार डिविजन के छह सेक्शन के लिए केवल एक जबकि छतरपुर डिविजन के चार सेक्शन के लिए शून्य कनीय अभियंता कार्यरत हैं। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के मेदिनीनगर अंचल के अधीक्षण अभियंता संतोष कुमार सिन्हा ने स्वीकार किया कि 19 सेक्शन में केवल तीन कनीय अभियंता कार्यरत हैं। अन्य सेक्शन का प्रभार भी तीन के बीच ही विभक्त है। इसके कारण सहायक अभियंताओं को कार्य करना पड़ रहा है। पिछले एक साल से यह स्थिति बनी हुई है। वरीय अधिकारियों को स्थिति की जानकारी दी गई है। मेदिनीनगर डिविजन के शहरी सेक्शन में पदस्थापित कनीय अभियंता को छतरपुर डिविजन के भी सेक्शन का प्रभार मिला है लेकिन वे छतरपुर नहीं जा पाते हैं। छतरपुर के बिजली उपभोक्ताओं की परेशानी को सहायक अभियंता को दूर करना पड़ता है। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के मेदिनीनगर अंचल के मेदिनीनगर डिविजन में अक्तूबर 2025 तक नौ सेक्शन में कुल 1 लाख 91 हजार 802, लातेहार डिविजन में छह सेक्शन में 1 लाख 3 हजार 182 और छतरपुर डिविजन मे चार सेक्शन में 1 लाख 1 हजार 787 बिजली उपभोक्ता हैं। अंचल में कनीय अभियंता नहीं रहने से केवल इन्हीं तीनों को अन्य सेक्शन का प्रभार में देखना पड़ता है। एक-एक कनीय अभियंता को पांच से अधिक सेक्शन को देखना पड़ रहा है।






