
मेदिनीनगर।
नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय (एनपीयू) के स्नातकोत्तर गणित विभाग एवं जीएलए कॉलेज के गणित विभाग के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को जीएलए कॉलेज परिसर में राष्ट्रीय गणित दिवस समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की 138वीं जयंती के अवसर पर संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एनपीयू के कुलसचिव डॉ. नफीस अहमद अपरिहार्य कारणों से उपस्थित नहीं हो सके। उनका संदेश विद्यार्थियों के बीच पढ़कर सुनाया गया। समारोह का उद्घाटन विशेष अतिथि एनपीयू स्नातकोत्तर गणित विभाग के डॉ. गजेंद्र सिंह, जीएलए कॉलेज गणित विभाग के डॉ. रवि शंकर एवं महिला कॉलेज गणित विभाग के डॉ. दीपक पंडित ने श्रीनिवास रामानुजन की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया।
इस अवसर पर स्नातकोत्तर विद्यार्थियों द्वारा रामानुजन के जीवन पर आधारित नाटक एवं कविता की प्रस्तुति दी गई, जिसे उपस्थित शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने खूब सराहा। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि भारत प्राचीन काल से ही गणित के क्षेत्र में अग्रणी रहा है। आर्यभट्ट, ब्रह्मगुप्त, महावीर और भास्कराचार्य जैसे महान गणितज्ञों ने शून्य की अवधारणा, संख्या पद्धति, ज्यामिति, खगोल विज्ञान और ज्योतिष विद्या में अमूल्य योगदान दिया।
वक्ताओं ने यह भी कहा कि आधुनिक काल में भारतीय गणितीय परंपरा को वैश्विक मंच पर स्थापित करने में श्रीनिवास रामानुजन का योगदान अतुलनीय है। मात्र 32 वर्ष की अल्प आयु में उन्होंने अपने शोध कार्यों से पश्चिमी जगत के समकालीन गणितज्ञों को भी आश्चर्यचकित कर दिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गान के साथ हुआ। इस अवसर पर डॉ. एस. के. मिश्रा सहित गणित विषय के शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।






