मेदिनीनगर।
नगर निगम चुनाव के बीच मेयर प्रत्याशी पूनम सिंह ने अपने जनसंपर्क अभियान के दौरान विपक्ष पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में विकास के मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ बड़े नेता, जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व राज्यपाल रह चुके रघुवर दास भी शामिल हैं, मंचों से भाषण देकर मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।
पूनम सिंह ने वर्ष 2018 के चुनावी वादों का हवाला देते हुए कहा कि उस समय महापौर द्वारा लिए गए 15 संकल्पों में से यदि पांच भी जमीनी स्तर पर पूरे हुए हों और उसका प्रमाण जनता व मीडिया के सामने प्रस्तुत कर दिया जाए, तो वे आज भी चुनाव मैदान से हटने को तैयार हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा, “यदि वादों का क्रियान्वयन सिद्ध हो जाए तो मुझे चुनाव लड़ने की आवश्यकता ही नहीं रहेगी।”
उन्होंने आरोप लगाया कि धनबल और प्रभाव के जरिए प्रत्याशियों को बैठाने, जातीय भावनाएं भड़काने और मतदाताओं को भ्रमित करने का प्रयास लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है। चुनाव लड़ना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और इसे दबाव या पैसे के बल पर प्रभावित करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। जनसंपर्क के दौरान उन्होंने शाहपुर, रामनगर, बजरहा, पुनादी, शांति नगर, गायत्री मंदिर रोड, सुदना और कांडू मोहल्ला सहित कई इलाकों का दौरा किया। उन्होंने दावा किया कि हर क्षेत्र में उन्हें व्यापक जनसमर्थन मिला और जनता किसी के बहकावे में आने वाली नहीं है।
अरुण शंकर पर लगाए गंभीर आरोप
पूनम सिंह ने महापौर प्रत्याशी अरुण शंकर पर भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान कार्यकाल में शक्ति और संसाधनों का दुरुपयोग हुआ है। छोटे-छोटे घरों की मरम्मत पर आम नागरिकों को नोटिस और भारी पेनल्टी भेजी गई, जबकि बस स्टैंड क्षेत्र में कथित तौर पर बिना नक्शा पास कराए पंच-तला भवन का निर्माण होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने नवटोली स्थित कनक मंदिर के प्रोपराइटर नरेश सोनार के मामले का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि निजी जमीन विवाद और शक्ति के दुरुपयोग के कारण निर्माण कार्य रोका गया, जिससे क्षेत्र का विकास प्रभावित हुआ। उनके अनुसार, यदि निर्माण समय पर होता तो नवटोली क्षेत्र की तस्वीर बदल सकती थी।
विकास बाहरी चेहरों से नहीं, काम से दिखता है
पूनम सिंह ने कहा कि यदि वास्तविक विकास हुआ होता तो उसे दिखाने के लिए बाहरी नेताओं या फिल्मी सितारों की जरूरत नहीं पड़ती। “विकास काम से दिखता है, बाहरी चेहरों से नहीं,” उन्होंने कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम के धन का दुरुपयोग हुआ और अब उसी प्रभाव को बनाए रखने के लिए बड़े नामों का सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डाल्टेनगंज–मेदिनीनगर को सुरक्षित, सुसज्जित और विकसित शहर बनाने के लिए भय और दबाव की राजनीति को समाप्त करना होगा। पारदर्शिता, ईमानदार प्रशासन और भयमुक्त वातावरण उनकी प्राथमिकता है।






