मेदिनीनगर।
भारतीय जनता पार्टी के युवा नेता एवं राज्य स्तरीय दिशा समिति (झारखंड) के सदस्य देवेश तिवारी ने शुक्रवार को शहर के ब्लू बर्ड होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में पलामू जिले की बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार और जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जिले में संगठित अपराध, भ्रष्टाचार और सड़क दुर्घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे आमजन का जीवन असुरक्षित हो गया है।
देवेश तिवारी ने कहा कि पलामू जिले में भय और अराजकता का माहौल व्याप्त है। पुलिस-प्रशासन की निष्क्रियता के कारण हालात “जंगलराज 2.0” जैसे बन चुके हैं। हत्या, गोलीबारी, फिरौती और अवैध वसूली की घटनाएं आम होती जा रही हैं, जिससे व्यापारी वर्ग सहित आम नागरिक स्वयं को असहज और असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
उन्होंने नीति आयोग द्वारा पलामू को आकांक्षी जिला घोषित किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके बावजूद जिले में उच्च शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और खेलकूद से जुड़ी आधारभूत संरचनाओं का गंभीर अभाव है। देवेश ने आरोप लगाया कि जिले में शायद ही कोई विभाग ऐसा हो, जहां बिना रिश्वत दिए काम संभव हो। भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को झूठे मामलों में फंसाने की प्रवृत्ति भी बढ़ी है।
सड़क सुरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि पिछले दो माह में प्रतिदिन औसतन 3 से 5 लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में हुई है। इनमें 15 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं की संख्या सबसे अधिक है। उन्होंने ब्लाइंड स्पॉट्स की पहचान और दुर्घटना रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जाने पर प्रशासन की उदासीनता पर सवाल खड़े किए।
देवेश तिवारी ने कहा कि वे इन सभी मुद्दों को लेकर जल्द ही राज्यपाल और मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे। यदि इसके बाद भी हालात में सुधार नहीं हुआ, तो केंद्र सरकार के समक्ष औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जाएगी।
प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने जिले में चारपहिया वाहनों पर ब्लैक शीशा लगाने की दी गई अनुमतियों की सूची सार्वजनिक करने, आशुतोष तिवारी बनाम सदर अंचलाधिकारी अमरदीप बलहोत्रा मामले में गठित जांच समिति की रिपोर्ट सामने लाने तथा हिस्ट्रीशीटर, संगठित अपराधियों और भू-माफियाओं के साथ पुलिस-प्रशासन की कथित सांठगांठ की निष्पक्ष जांच की मांग की।
पलामू में भ्रष्टाचार और अपराध चरम पर, ‘जंगलराज 2.0’ जैसे हालात: देवेश तिवारी






