होम  झारखंड पलामू प्रमंडल शिक्षा धर्म जीवन शैली स्वास्थ्य

एनपीयू में 56 लाख के स्मार्ट पैनल घोटाले का आरोप, राज्यपाल के निर्देश पर होगी उच्चस्तरीय जांच : वित्त मंत्री

On: January 6, 2026 9:04 AM
Follow Us:

भ्रष्टाचारियों पर होगी कार्रवाई : वित्त मंत्री

मेदिनीनगर।
अखिल पलामू छात्र संघ (आपसू) द्वारा शुक्रवार को एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया, जिसमें नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय (एनपीयू), मेदिनीनगर में व्याप्त वित्तीय एवं शैक्षणिक भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए। इस दौरान आपसू ने कई दस्तावेज़ भी मीडिया के समक्ष प्रस्तुत किए। प्रेस वार्ता में दूरभाष पर झारखंड सरकार के वित्त मंत्री श्री राधा कृष्ण किशोर भी शामिल हुए। उन्होंने बताया कि रिटायर्ड शिक्षकों एवं आपसू प्रतिनिधियों द्वारा एनपीयू में अनियमितताओं से संबंधित जानकारी उन्हें दी गई थी। इसी आलोक में उन्होंने माननीय राज्यपाल से मुलाकात कर आपसू की मांगों को रखा। वित्त मंत्री ने कहा कि राज्यपाल महोदय ने पूरे मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया है। रिटायर्ड शिक्षकों का लंबित पेंशन भुगतान कर दिया गया है, कुलपति से कारण पृच्छा की गई है तथा पूरे प्रकरण की जांच के लिए उच्च स्तरीय जांच टीम गठित की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भ्रष्टाचार को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

NPU विवि बना लूट का अड्डा : राहुल दुबे

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए आपसू के केंद्रीय संयोजक राहुल कुमार दुबे ने कहा कि नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है। उन्होंने कंचन लाल (राज्य कर अपर आयुक्त) के नेतृत्व में की गई जांच रिपोर्ट के आधार पर स्मार्ट पैनल खरीद घोटाले का विस्तार से खुलासा किया। एनपीयू का पता बताया गया निमीयां, पिन कोड चैनपुर का राहुल दुबे ने दस्तावेज़ दिखाते हुए बताया कि स्मार्ट पैनल खरीद के लिए किए गए अनुबंध में विश्वविद्यालय का पता निमीयां दर्शाया गया है, जबकि पिन कोड 822110 अंकित है, जो चैनपुर का है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब विश्वविद्यालय मेदिनीनगर में स्थित है, तो पता और पिन कोड में इस तरह का बदलाव क्यों किया गया। उन्होंने कहा कि एनपीयू प्रबंधन स्पष्ट करे कि विश्वविद्यालय वास्तव में कहाँ स्थापित है।22 लाख के पैनल की खरीद 78 लाख में आपसू ने आरोप लगाया कि दिनांक 7 जून 2025 को KKAPSSN Ventures Private Limited, कटक द्वारा IFP Viewsonics-IN7501 स्मार्ट पैनल की सप्लाई श्री गणपति इंटरप्राइजेज, रेड़मा चौक को की गई। 20 स्मार्ट पैनल की कुल कीमत: ₹22,30,200 वहीं वही पैनल एनपीयू को बेचा गया: ₹78,30,000 इस प्रकार मात्र रेड़मा चौक से विश्वविद्यालय तक पहुँचने में ₹56 लाख का अंतर दिखाया गया, जो सीधे-सीधे गंभीर वित्तीय घोटाले की ओर इशारा करता है।

जीएसटी दरों में भी हेरफेर

आपसू नेताओं ने बताया कि 27 मई 2025 के इनवॉइस में जीएसटी 28% दर्शाया गया तथा 20 पैनलों की कीमत ₹61,17,187 थी। वहीं 9 जून 2025 के इनवॉइस में जीएसटी 18% कर दी गई और पैनलों की कीमत ₹66,35,593 हो गई। इस प्रकार पैनलों की कीमत में ₹5,97,203 का अंतर दिखाया गया, जो संदेह को और गहरा करता है।

ऑफलाइन भुगतान पर सवाल

आपसू नेताओं ने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी राशि के भुगतान के लिए ऑफलाइन भुगतान का प्रावधान क्यों किया गया, जबकि नियमों के अनुसार ऑनलाइन और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए थी।

जेटीसी नियम 334 का उल्लंघन

आपसू ने आरोप लगाया कि जब बजटीय प्रावधान 24 माह तक खर्च नहीं होता है, तो बिना वित्त विभाग की अनुमति के उसका उपयोग नहीं किया जा सकता। इसके बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन ने जेटीसी नियम 334 का उल्लंघन करते हुए भुगतान किया। प्रेस वार्ता में आपसू द्वारा कुल दस से अधिक वित्तीय एवं शैक्षणिक अराजकताओं को उजागर करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई। मौके पर उपस्थित आपसू केंद्रीय संयोजक राहुल कुमार दुबे, जिला उपाध्यक्ष कुणाल किशोर, विश्वविद्यालय संयोजक शालिनी अग्रवाल, जेएस संयोजक राज नेहा चौबे, जेएस अध्यक्ष सानिया अग्रवाल, महासचिव प्रिया, प्रसार प्रमुख प्रियांशु दुबे सहित अन्य मौजूद थे।

ipnnews14@gmail.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment